Friday, October 14, 2011

यौन उत्पीड़न मामलों का ब्योरा देने से इंकार


केंद्रीय सूचना आयोग (सीआइसी) ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के अधिकारियों को दो नवंबर के पहले अपने यहां पेश होने को कहा है। अ‌र्द्धसैनिक बल द्वारा भ्रष्टाचार और यौन उत्पीड़न से जुड़े अपने मामलों का ब्योरा देने से इंकार के बाद आयोग ने यह कदम उठाया है। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत दिए गए आवेदन के जवाब से पता चला है कि वर्ष 2001 से 2010 के बीच सीआइएसएफ में भ्रष्टाचार और यौन उत्पीड़न के 261 मामले दर्ज किए गए। सीआइसी ने सुरक्षा बल के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआइएफ) और अपीलीय प्राधिकरण को इससे संबंधित दस्तावेजों के साथ पेशी के लिए नोटिस जारी किया है। सीआइएसएफ ने इन मामलों से जुड़े अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों का नाम, पद और कार्रवाई रिपोर्ट का विवरण देने से इंकार किया है। उसके यहां दर्ज 261 मामलों में 223 भ्रष्टाचार से जुड़े हैं जबकि 38 यौन उत्पीड़न के हैं। भ्रष्टाचार के सर्वाधिक 56 मामले वर्ष 2008 में दर्ज किए गए। वर्ष 2009 में 52 और गत वर्ष 27 मामले दर्ज किए गए। यौन उत्पीड़न के भी सर्वाधिक 13 मामले वर्ष 2008 में ही दर्ज हुए थे। वर्ष 2009 में ऐसे 6 और पिछले वर्ष 4 मामले दर्ज किए गए। सुरक्षा बल ने जानकारी देने से इंकार के पीछे आरटीआइ कानून की धारा 8 (1) (जे) का हवाला दिया है। उसका कहना है कि मांगी गई सूचनाएं व्यक्तिगत हैं और इन्हें देने से व्यक्ति की निजता का हनन होगा।

Monday, October 3, 2011

मेट्रो स्टेशन से कूदकर युवती ने दी जान

 नई दिल्ली पंजाबी बाग मेट्रो स्टेशन पर शनिवार को एक युवती ने कूदकर जान दे दी। मृतका कुछ दिनों से डिप्रेशन की शिकार थी। डिप्रेशन का कारण युवती की शादी को लेकर घरेलू कलह बताया जा रहा है। शनिवार दोपहर करीब पौने बारह बजे पंजाबी बाग मेट्रो स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-एक से कूदकर एक युवती ने जान दे दी। युवती की पहचान प्रतिभा सिंह (23) के रूप में हुई। घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रतिभा गुड़गांव की एक मल्टीनेशनल कंपनी के एचआर विभाग में तैनात थी। वह एक प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए कर रही थी। वह परिजनों के साथ विकासपुरी स्थित जेजी ब्लॉक में रहती थी। पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से प्रतिभा ज्यादा परेशान रह रही थी। उसकी शादी की बात चल रही थी। उसे रविवार को लड़के वाले देखने के लिए आने वाले थे। इसी बात को लेकर प्रतिभा ज्यादा दु:खी थी क्योंकि वह किसी और को पंसद करती थी। उसने अपने परिजनों को अपने प्रेमी के बारे में बताया था। लेकिन उसके परिजनों ने प्रेमी युवक को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इसी बात से दु:खी होकर शनिवार को प्रतिभा अपने दफ्तर जाने के बहाने घर से निकली और पंजाबी बाग मेट्रो स्टेशन आ गई।

मोटरसाइकिल सवारों ने एमबीए छात्रा को घर के बाहर मारी गोली

नई दिल्ली नरेला इलाके में मोटरसाइकिल सवार दो युवक रविवार रात एमबीए की छात्रा को ताबड़तोड़ दो गोलियां मार जख्मी कर दिया और मौके से फरार हो गए। घटना के समय छात्रा अपने घर के बाहर कार खड़ी कर पैदल घर के अंदर जा रही थी। तभी वारदात को अंजाम दिया गया। गोली छात्रा के दाहिने हाथ और कमर में लगी है। नरेला थाना पुलिस ने उपचार के लिए उसे पहले सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती करा दिया। बाद में परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में रेफर करवा लिया। पुलिस युवती से पूछताछ के आधार पर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त बीएस जायसवाल का कहना है कि मामला आपसी रंजिश या प्रेम प्रसंग का हो सकता है। तभी इस तरह की वारदात को अंजाम दिया गया है। उन्होंने लूटपाट के उद्देश्य से गोली मारने की बात से इंकार किया है। पीडि़त छात्रा का नाम नेहा (22) है। वह नरेला के शिव नगर, गली नंबर चार में परिवार के साथ रहती है। उसके पिता नरेला अनाज मंडी में अनाज का व्यापार करते हैं। वह दूरस्थ शिक्षा से एमबीए की पढ़ाई कर रही है। रविवार रात करीब आठ बजे वह कार से घर लौटी थी। कार खड़ी कर वह घर के अंदर जा रही थी। तभी अचानक मोटरसाइकिल से दो युवक वहां आ गए और कुछ दूरी के फासले से उस पर ताबड़तोड़ दो गोलियां चला दी और तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल से फरार हो गए। आशंका जताई जा रही है कि हमलावर छात्रा के जानकार रहे होंगे। पुलिस सभी पहलुओं को देखते हुए जांच कर रही है।

अहिंसा दिवस पर रुद्रपुर में हिंसा


बापू के जन्मदिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर उत्तराखंड का शांति प्रिय शहर रूद्रपुर हिंसा की चपेट में आ गया। धार्मिक ग्रंथ के कथित अपमान पर एक समुदाय के लोग भड़क गए। हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि पुलिसकर्मियों समेत 60 जख्मी हो गए। उपद्रवियों ने इंदिरा चौक पर जाम लगाकर पांच दर्जन से ज्यादा वाहनों को फूंक दिया, जबकि आधा दर्जन बसें क्षतिग्रस्त कर दीं। उपद्रवियों ने दो दर्जन से अधिक दुकानों में आग लगा दी। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को कई राउंड हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। मौके पर पहुंचे एसडीएम को भी चोटें आई हैं। दंगाग्रस्त क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कफ्र्यू लगा दिया गया है। रुद्रपुर के भदईपुरा में रविवार सुबह किसी शरारती तत्व ने एक धार्मिक ग्रंथ का कथित तौर पर अपमान किया। दूसरे समुदाय के लोग यह देखकर भड़क गए। कुछ देर बाद उपद्रवियों ने इंदिरा चौक पहुंच जाम लगाकर पथराव शुरू कर दिया। इससे आधा दर्जन बसें क्षतिग्रस्त हो गई। इस बीच एसएसपी गणेश मर्ताेलिया और एडीएम विजय चंद्र कौशल पुलिस बल व दंगा नियंत्रण वाहन के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने तोड़फोड़ कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने उन पर भी हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने अफसरों के कपड़े तक फाड़ डाले। एसडीएम वीर सिंह बुदियाल को पुलिस ने किसी तरह बचाया। उपद्रवियों को देखकर पुलिस बैकफुट पर आ गई। पथराव में एडीएम समेत कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। दूसरी ओर उपद्रवियों ने आसपास के होटल, पेट्रोल पंप को भी नहीं बख्शा। उपद्रवियों ने नैनीताल रोड, सिब्बल सिनेमा, रोडवेज के आसपास की दुकानों में लूटपाट कर आग लगा दी। इस बीच इंदिरा चौक पर दूसरे समुदाय के लोग भी पहुंच गए। दोनों समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इस बीच सीरगोटिया मोहल्ले में छतों पर चढ़े लोगों ने तमंचों से फायर, हथगोले व तेजाब भरे बल्ब पुलिसकर्मियों व दूसरे समुदाय के लोगों पर फेंके। इससे दर्जनों लोग घायल हो गए। उपद्रवियों की फायरिंग के दौरान एक युवक की सिर पर गोली लगने से मौत हो गई। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। भदईपुरा निवासी शेर सिंह ने भी छर्रे लगने से उपचार के दौरान निजी चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। दंगे में घायल खेड़ा निवासी 50 वर्षीय अब्दुल रहमान की भी बरेली ले जाते समय मौत हो गई। जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे और हालात देखकर लौट गए। जिलाधिकारी के जाने के थोड़ी देर बाद दंगा नियंत्रण वाहन में बैठकर एसएसपी गणेश मर्ताेलिया मौके पर पहुंचे और छतों पर चढ़े लोगों को पथराव न करने की हिदायत दी। हालात बेकाबू होने पर कफ्र्यू की घोषणा कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और सख्ती के साथ लोगों को तितर-बितर कर दिया। क‌र्फ्यू लगने के बाद जिलाधिकारी और एसएसपी ने भारी फोर्स के साथ शहर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।