केंद्रीय सूचना आयोग (सीआइसी) ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के अधिकारियों को दो नवंबर के पहले अपने यहां पेश होने को कहा है। अर्द्धसैनिक बल द्वारा भ्रष्टाचार और यौन उत्पीड़न से जुड़े अपने मामलों का ब्योरा देने से इंकार के बाद आयोग ने यह कदम उठाया है। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत दिए गए आवेदन के जवाब से पता चला है कि वर्ष 2001 से 2010 के बीच सीआइएसएफ में भ्रष्टाचार और यौन उत्पीड़न के 261 मामले दर्ज किए गए। सीआइसी ने सुरक्षा बल के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआइएफ) और अपीलीय प्राधिकरण को इससे संबंधित दस्तावेजों के साथ पेशी के लिए नोटिस जारी किया है। सीआइएसएफ ने इन मामलों से जुड़े अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों का नाम, पद और कार्रवाई रिपोर्ट का विवरण देने से इंकार किया है। उसके यहां दर्ज 261 मामलों में 223 भ्रष्टाचार से जुड़े हैं जबकि 38 यौन उत्पीड़न के हैं। भ्रष्टाचार के सर्वाधिक 56 मामले वर्ष 2008 में दर्ज किए गए। वर्ष 2009 में 52 और गत वर्ष 27 मामले दर्ज किए गए। यौन उत्पीड़न के भी सर्वाधिक 13 मामले वर्ष 2008 में ही दर्ज हुए थे। वर्ष 2009 में ऐसे 6 और पिछले वर्ष 4 मामले दर्ज किए गए। सुरक्षा बल ने जानकारी देने से इंकार के पीछे आरटीआइ कानून की धारा 8 (1) (जे) का हवाला दिया है। उसका कहना है कि मांगी गई सूचनाएं व्यक्तिगत हैं और इन्हें देने से व्यक्ति की निजता का हनन होगा।
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