बापू के जन्मदिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर उत्तराखंड का शांति प्रिय शहर रूद्रपुर हिंसा की चपेट में आ गया। धार्मिक ग्रंथ के कथित अपमान पर एक समुदाय के लोग भड़क गए। हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि पुलिसकर्मियों समेत 60 जख्मी हो गए। उपद्रवियों ने इंदिरा चौक पर जाम लगाकर पांच दर्जन से ज्यादा वाहनों को फूंक दिया, जबकि आधा दर्जन बसें क्षतिग्रस्त कर दीं। उपद्रवियों ने दो दर्जन से अधिक दुकानों में आग लगा दी। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को कई राउंड हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। मौके पर पहुंचे एसडीएम को भी चोटें आई हैं। दंगाग्रस्त क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कफ्र्यू लगा दिया गया है। रुद्रपुर के भदईपुरा में रविवार सुबह किसी शरारती तत्व ने एक धार्मिक ग्रंथ का कथित तौर पर अपमान किया। दूसरे समुदाय के लोग यह देखकर भड़क गए। कुछ देर बाद उपद्रवियों ने इंदिरा चौक पहुंच जाम लगाकर पथराव शुरू कर दिया। इससे आधा दर्जन बसें क्षतिग्रस्त हो गई। इस बीच एसएसपी गणेश मर्ताेलिया और एडीएम विजय चंद्र कौशल पुलिस बल व दंगा नियंत्रण वाहन के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने तोड़फोड़ कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने उन पर भी हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने अफसरों के कपड़े तक फाड़ डाले। एसडीएम वीर सिंह बुदियाल को पुलिस ने किसी तरह बचाया। उपद्रवियों को देखकर पुलिस बैकफुट पर आ गई। पथराव में एडीएम समेत कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। दूसरी ओर उपद्रवियों ने आसपास के होटल, पेट्रोल पंप को भी नहीं बख्शा। उपद्रवियों ने नैनीताल रोड, सिब्बल सिनेमा, रोडवेज के आसपास की दुकानों में लूटपाट कर आग लगा दी। इस बीच इंदिरा चौक पर दूसरे समुदाय के लोग भी पहुंच गए। दोनों समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इस बीच सीरगोटिया मोहल्ले में छतों पर चढ़े लोगों ने तमंचों से फायर, हथगोले व तेजाब भरे बल्ब पुलिसकर्मियों व दूसरे समुदाय के लोगों पर फेंके। इससे दर्जनों लोग घायल हो गए। उपद्रवियों की फायरिंग के दौरान एक युवक की सिर पर गोली लगने से मौत हो गई। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। भदईपुरा निवासी शेर सिंह ने भी छर्रे लगने से उपचार के दौरान निजी चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। दंगे में घायल खेड़ा निवासी 50 वर्षीय अब्दुल रहमान की भी बरेली ले जाते समय मौत हो गई। जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे और हालात देखकर लौट गए। जिलाधिकारी के जाने के थोड़ी देर बाद दंगा नियंत्रण वाहन में बैठकर एसएसपी गणेश मर्ताेलिया मौके पर पहुंचे और छतों पर चढ़े लोगों को पथराव न करने की हिदायत दी। हालात बेकाबू होने पर कफ्र्यू की घोषणा कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और सख्ती के साथ लोगों को तितर-बितर कर दिया। कर्फ्यू लगने के बाद जिलाधिकारी और एसएसपी ने भारी फोर्स के साथ शहर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
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