राजधानी में आर्थिक अपराध के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार अमानत में खयानत और धोखाधड़ी के मामलों में वर्ष 2010 में सबसे अधिक 3598 करोड़ रुपये संपत्ति का नुकसान अकेले कर्नाटक राज्य में हुआ। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र में 104 करोड़ रुपये और तीसरे नंबर पर दिल्ली में 84 करोड़ रुपये की संपत्ति (चल, अचल) का नुकसान लोगों को उठाना पड़ा। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू व कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, उड़ीसा, राजस्थान, सिक्किम और त्रिपुरा राज्य में वर्ष 2010 में अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का एक भी मामला सामने नहीं आया। एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली भ्रष्टाचार के मामलों में केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे ऊपर रही है। राजधानी में वर्ष 2010 में भ्रष्टाचार के 154 मामले पहले से लंबित थे, जबकि 39 नए मामले दर्ज किए गए। जबकि केंद्र शासित प्रदेश में दूसरे स्थान पर पुड्डुचेरी और तीसरे स्थान पर चंडीगढ़ का नाम है। राजधानी में भ्रष्टाचार के 64.7 प्रतिशत ही ऐसे मामले थे, जिनमें अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सकी। भ्रष्टाचार के मामलों में राजधानी में प्रथम श्रेणी के दो अधिकारी, द्वितीय श्रेणी के चार अधिकारी और अन्य 34 सरकारी कर्मचारी संलिप्त पाए गए। 316 केसों का अदालतों में ट्रायल चला, जिनमें 53 मामलों में सजा सुनाई गई, 38 मामले डिस्चार्ज किए गए, 226 आरोपियों को जमानत, 44 लोगों की गिरफ्तारी और 19 लोगों पर आरोप तय किए गए। अगर, पूरे रिकार्ड पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि राजधानी में कुल 46.2 प्रतिशत ही ऐसे मामले रहे, जिनमें आरोपियों को सजा सुनाई गई।
Saturday, June 30, 2012
Friday, June 22, 2012
सीमेंट कंपनियों पर 6307 करोड़ का जुर्माना
गुट बनाकर सीमेंट के दाम बढ़ाना कंपनियों को महंगा पड़ा है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) ने आपस में मिलकर सीमेंट के दाम बढ़ाने पर एसीसी, अल्ट्राटेक, अंबुजा और जयप्रकाश एसोसिएट्स समेत 11 बड़ी सीमेंट कंपनियों पर 6,307 करोड़ का भारी जुर्माना कर दिया है। देश में अपनी तरह का यह पहला फैसला है। आयोग का यह निर्णय बिल्डरों की शिकायत पर हुई जांच के बाद आया है। सीमेंट कंपनियों की ओर से अगस्त, 2010 के बाद बढ़ाई गई कीमतें प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच का आधार बनी हैं। इसलिए सीसीआइ ने इन कंपनियों के वर्ष 2009-10 और 2010-11 में हुए मुनाफे का 50 प्रतिशत हिस्सा अर्थदंड के तौर पर तय किया है। इसके तहत सबसे ज्यादा जुर्माना जयप्रकाश एसोसिएट्स को 1,323.6 करोड़ रुपये देना होगा। कंपनियों के अलावा सीमेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन पर भी 73 लाख रुपये जुर्माना हुआ है। सभी कंपनियों और एसोसिएशन को 90 दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा करनी होगी। यह रकम संभवत: केंद्र सरकार की समेकित निधि में जाएगी। आयोग की तरफ से महानिदेशक जांच ने इस शिकायत की तफ्तीश की थी। जुलाई, 2011 में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन गंभीर अपराध जांच विभाग (एसआइएफओ) ने भी एसीसी, अंबुजा और अल्ट्राटेक के खिलाफ जांच की थी। सीसीआइ ने अपने 258 पेज के फैसले में कहा है कि कंपनियों के तौर तरीके से यह साबित हो गया है कि उन्होंने सीमेंट के दाम बढ़ाने के लिए कार्टेल (गुट) बनाया। इन कंपनियों ने देश में सीमेंट के उत्पादन और कीमतों को नियंत्रित व सीमित करने की दिशा में मिलकर काम किया। सीसीआइ ने माना है कि सीमेंट कंपनियों ने प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के नियमों का उल्लंघन किया। इन नियमों के मुताबिक कार्टेल साबित होने की सूरत में कंपनियों पर उनके मुनाफे का 300 प्रतिशत तक जुर्माना किया जा सकता है। सीमेंट कंपनियों ने आयोग के इस आदेश पर चुप्पी साध ली है। कंपनियों के बयान के मुताबिक, वे आयोग के आदेश का अध्ययन करने के बाद ही आगे की रणनीति तय करेंगी।
Wednesday, June 20, 2012
घूस लेकर जमानत देने वाला निलंबित जज गिरफ्तार
घूस लेकर कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी को जमानत देने के आरोप में निलंबित जज टीपी राव को भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले एसीबी अधिकारियों ने राव को मुख्यालय लाकर पूछताछ की। अब ब्यूरो राव को अदालत में पेश करेगा। एसीबी ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीवी चलपति राव और टीपी राव के बेटे टीआर चंद्रा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी के महानिदेशक बीवी राव ने बताया कि निलंबित जज को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाएगा। एसीबी ने 9 जून को राव और सात अन्य पर आइपीसी की विभिन्न धाराओं सहित भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया था। आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने 31 मई को सीबीआइ जज राव को निलंबित कर दिया था। साथ ही मामले को सीबीआइ से लेकर एसीबी को सौंप दिया था। एसीबी ने जिन लोगों पर मामला दर्ज किया था, उनमें जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई और बेल्लारी शहर के विधायक जीएस रेड्डी भी शामिल हैं। निलंबित जज राव ने पांच करोड़ रुपये घूस लेकर जनार्दन रेड्डी को 11 मई को जमानत दी थी। पिछले हफ्ते हाई कोर्ट ने जमानत आदेश रद कर दिए थे। मामले की जांच के दौरान सीबीआइ ने रेड्डी के पांच बैंक लॉकर से 1.60 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा चलपति राव के भाई टी. बालाजी राव से भी 1.14 करोड़ रुपये जब्त किए थे। सीबीआइ ने मामले से जुड़े दस्तावेजों के अलावा सौदे में इस्तेमाल किए गए मोबाइल व लैंडलाइन नंबर और बातचीत का ब्योरा भी एसीबी को सौंप दिया था।
an � ] g H �(? H�@ font-size:10.5pt;font-family:Mangal;mso-ascii-font-family:"Times New Roman"; mso-fareast-font-family:"Times New Roman";mso-hansi-font-family:"Times New Roman"; color:black'>रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य तय किया गया है। यह मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य 1285 रुपये प्रति क्विंटल से भी कम है। इस मूल्य पर गेहूं सितंबर, 2012 तक उपलब्ध रहेगा। इसके बाद खरीद करने वालों को 1285 रुपये के मूल्य बेचा जाएगा। इतना ही नहीं देश के किसी भी हिस्से में गेहूं का यही मूल्य रहेगा। गेहूं की ढुलाई का खर्च सरकार सब्सिडी से चुकाएगी। इससे लगभग 1,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का बोझ बढे़गा। सरकार ने आम बजट में खाद्य सब्सिडी के लिए 75 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 11 हजार करोड़ रुपये की यह खाद्य सब्सिडी अतिरिक्त होगी।Saturday, January 7, 2012
आंकड़ों की बाजीगरी : सीपी बोले, क्राइम हुआ कम
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने एक बार फिर आंकड़ों की बाजीगरी दिखाकर यह दर्शाने का प्रयास किया कि बीते साल राजधानी में अपराध कम हुए हैं। अपने इस दावे को पुख्ता करने के लिए पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने जनसंख्या के अनुपात में हुए अपराध के आंकड़े पर ज्यादा जोर दिया है। उनका दावा है कि पिछले 13 वर्षो के मुकाबले साल 2011 में न सिर्फ जघन्य अपराधों में बल्कि कुल आईपीसी के मामलों में भी खासी कमी आई है। दिल्ली पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने बताया कि साल 2011 में जिन आपराधिक मामलों में कमी आई है, इनमें हत्या व लूट के मामले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि साल 2010 में हत्या के करीब 565 मामले सामने आए थे लेकिन बीते साल यह संख्या घटकर 543 हो गई है, इसी तरह लूट के मामलों में 599 के मुकाबले बीते साल सिर्फ 562 घटनाएं हुई। पुलिस आयुक्त ने बताया कि हत्या में करीब 3.89 प्रतिशत की कमी आई जबकि लूट के मामलों में 6.18 प्रतिशत की कमी हुई। इसी तरह झपटमारी के मामले में साल 2010 के 1671 केस के मुकाबले बीते साल 1476 घटनाएं हुईं, हालांकि कुछ ऐसे भी मामले रहे जिनमें साल 2010 के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की गई। इनमें डकैती, हत्या का प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण व दुष्कर्म आदि के मामले शामिल हैं। इस साल डकैती के मामलों में लगभग 3.13 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 24.12 प्रतिशत, दुष्कर्म में 12.03 प्रतिशत व फिरौती के लिए अपहरण में 38.89 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। पुलिस आयुक्त बी.के गुप्ता ने बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस की कमान संभालते ही यह ऐलान किया था कि स्ट्रीट क्राइम तथा बुजुगरे व महिलाओं पर होने वाले अपराध पर हर हाल में अंकुश लगाना है। इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने तमाम उन लोगों की लगाम कसी, जो आए दिन झपटमारी, लूटपाट, लड़ाई, झगड़े जैसे आपराधिक मामलों में लिप्त रहते हैं। इसके अलावा इलाके के घोषित बदमाशों व भगोड़ों पर भी नजर रखी, जिसका नतीजा यह रहा कि लूट के साथ-साथ झपटमारी के मामलों में भी खासी कमी आई। उन्होंने बताया कि साल 2010 के मुकाबले 2011 में झपटमारी के मामलों में लगभग 11.67 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि राजधानी में जघन्य अपराध के मामले कुछ अवश्य बढ़े हैं, लेकिन कुछ मामलों को छोड़ कर अधिकांश जघन्य मामलों को सुलझाने में दिल्ली पुलिस को सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि साल 2010 के मुकाबले बीते साल कुल आईपीसी के 46 प्रतिशत के मुकाबले 54 प्रतिशत मामले सुलझा लिए गए जबकि जघन्य मामलों में यह आंकड़ा 87 के मुकाबले करीब 92 प्रतिशत का है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि नए साल में आतंक के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। साथ ही महिलाओं तथा बुजुगरें के प्रति होने वाले क्राइम और सड़कों पर होने वाले अपराध की रोकथाम की हरसंभव कोशिश की जाएगी। इसके अलावा यातायात और थानों के मॉनिटरिंग पर भी जोर रहेगा। पुलिस आयुक्त ने अधीनस्थों को हिदायत दी कि थाने में शिकायत लेकर आने वालों के साथ सही ढंग से पेश आएं। उन्हें इस बात की शिकायत अक्सर मिलती रहती है कि थानों में पुलिसकर्मी समस्या लेकर आने वाले आम लोगों को तरह-तरह के बहाने बनाकर टरका देते हैं जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
Subscribe to:
Comments (Atom)