Friday, August 12, 2011

उपद्रव की कोशिशों के बीच मुरादाबाद में कफ्र्यू में ढील


मुरादाबाद मुरादाबाद में प्रशासन ने गुरुवार दोपहर 1:00 से शाम 6:00 बजे के बीच बारी-बारी से विभिन्न थाना क्षेत्रों में दो से तीन घंटे तक कफ्र्यू में ढील दी। लेकिन उपद्रवी तत्वों पर अभी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। सुबह जहां कटघर के मकबरा इलाके में कफ्र्यू का उल्लंघन करते हुए बाहर निकली भीड़ ने पथराव कर दिया, वहीं शाम ढलते ही केजीके कॉलेज के पास एक धर्मस्थल पर धावा बोलकर क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई। कांवडि़यों के रास्ते को लेकर बवाल के बाद दो दिन से यहां हालात तनावपूर्ण हैं। बुधवार रात पूरी तरह शांति से गुजरने के बाद जिला प्रशासन गुरुवार सुबह कफ्र्यू में ढील का इरादा बना ही रहा था कि कटघर में मकबरा इलाके में कुछ लोग कफ्र्यू तोड़कर बाहर निकल आए। तत्काल अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई, जिसने लाठियां फटकारकर लोगों को घरों के भीतर तक खदेड़ा। इसके बाद दोपहर तक हालात पूरी तरह सामान्य रहने के बाद प्रशासन की ओर से थानावार क‌र्फ्यू में ढील का एलान किया गया। इसकी शुरुआत गलशहीद थाना क्षेत्र से हुई। महानगर के तीन अन्य बड़े थाना क्षेत्र कोतवाली, मुगलपुरा और नागफनी में कफ्र्यू हटाया गया। कटघर और मझोला थाना क्षेत्र में दो घंटे के लिए कफ्र्यू में ढील दी गई। इस दौरान हर इलाके में लोगों ने जरूरी सामान की खरीदारी की। शाम 6:00 बजे कफ्र्यू में ढील खत्म होने के बाद लाइनपार केजीके कॉलेज के पास कुछ युवकों ने एक धर्मस्थल को क्षति पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि तत्काल ही नजदीक रहने वाले अमन पसंद लोग सक्रिय हो गए और कुछ मिनट में पहुंची फोर्स ने पूरे इलाके की नाकेबंदी के साथ सर्च शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आसपास से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। डीएम समीर वर्मा ने हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताते हुए कहा कि फिलहाल कफ्र्यू जारी रहेगा। हालात के मुताबिक इसमें ढील का फैसला किया जाएगा। प्रशासन ने शुक्रवार को जुमे की नमाज की तैयारियों पर भी विचार शुरू कर दिया है। बता दें कि बुधवार को बवाल बढ़ने के बाद प्रशासन ने छह थाना क्षेत्रों में कफ्र्यू लगा दिया था।




कंकाल मामले में रिमांड पर भेजे गए माकपा के पूर्व मंत्री


प्रदेश के पूर्व पश्चिमांचल विकास मंत्री व गढ़बेत्ता के माकपा विधायक सुशांत घोष को बेनाचापड़ा नरकंकाल मामले में गुरुवार को जिला अदालत ने सात दिनों की सीआइडी रिमांड में रखने का निर्देश दिया है। इसके बाद सीआइडी अधिकारी घोष को कड़ी सुरक्षा में कोलकाता ले आए, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। नरकंकाल बरामदगी मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आए कद्दावर माकपा नेता सुशांत घोष गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अदालत में पेश हुए। दोपहर 2:30 बजे अदालत पहुंचे सुशांत घोष को वहां वर्षा से बेपरवाह सुबह से जमी भीड़ के जबर्दस्त विरोध का सामना करना पड़ा। इस बीच आक्रोशित महिलाओं ने सुशांत को फांसी देने की मांग भी की। इस दौरान पथराव भी हुआ, जिसमें एक एएसआइ जख्मी हो गया। उधर, सीआइडी के अधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अदालत में अर्जी देते हुए मामले की जांच के लिए सुशांत घोष को 14 दिनों की रिमांड पर देने का अनुरोध किया था। सीजेएम ने घोष की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज करते हुए सात दिनों तक सीआइडी हिरासत में रखने का निर्देश दिया। ज्ञातव्य है कि विगत 4 जून को गढ़बेत्ता थाना क्षेत्र के बेनाचापड़ा इलाके से पुलिस ने सात नरकंकाल बरामद किए थे। मामले में सुशांत घोष को मुख्य अभियुक्त बनाया गया था


Tuesday, August 2, 2011

छोटा राजन के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस की तैयारी


मुंबई जागरण समूह के सांध्य अखबार मिड डे के पत्रकार ज्योतिर्मय डे उर्फ जे डे की हत्या के मामले में महाराष्ट्र सरकार छोटा राजन की गिरफ्तारी के लिए सीबीआइ को रेडकॉर्नर नोटिस जारी करने को कहेगी। महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने यह जानकारी सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में दी। जे डे की हत्या विगत 11 जून को छोटा राजन के शूटरों ने मुंबई में कर दी थी। सोमवार को विधानसभा में डे हत्या प्रकरण पर चल रही एक चर्चा के दौरान पाटिल ने बताया कि उक्त हत्याकांड में अब तक नौ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि तीन फरार हैं। इनमें एक विदेश में रह रहा अंडरव‌र्ल्ड सरगना छोटा राजन भी है। जिसके कहने पर ही अब तक गिरफ्तार लोगों ने साजिश रचकर जे डे को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया था। पुलिस अब तक इस हत्या के कारणों का भी खुलासा नहीं कर सकी है। क्योंकि इस हत्याकांड के मुख्य शूटर को जे डे की हत्या होने तक यह पता नहीं था कि वह जिस व्यक्ति को मारने जा रहा है, वह एक वरिष्ठ पत्रकार है। छोटा राजन ने कालिया को सिर्फ जे डे की पहचान बताई थी। हत्या के कारणों की चर्चा भी छोटा राजन ने उससे नहीं की थी। मुंबई पुलिस का मानना है कि जब तक स्वयं छोटा राजन नहीं पकड़ा जाता, तब जे डे हत्याकांड के मूल कारणों का खुलासा होना मुश्किल है। इसलिए पुलिस छोटा राजन की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेना चाहती है। आरआर पाटिल ने इसी संदर्भ में सदन को जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार सीबीआइ के जरिये इस मामले में इंटरपोल की मदद लेना चाहती है। पाटिल ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है कि डे के शरीर में मिली गोलियां आरोपियों के पास से मिली बंदूकों से चलाई गईं थीं। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ जल्द आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। इसी चर्चा के दौरान पाटिल ने यह जानकारी भी दी कि पत्रकारों पर हमले रोकने के लिए सुझाव देने वाली वाली वरिष्ठ मंत्रियों की समिति एक माह के अंदर ही अपनी रिपोर्ट सरकार को दे देगी। इस समिति की अध्यक्षता उद्योग मंत्री नारायण राणे कर रहे हैं। पत्रकारों का एक समूह राणे को इस समिति के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहा था, जिसे मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण पहले ही खारिज कर चुके हैं।