Tuesday, August 2, 2011

छोटा राजन के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस की तैयारी


मुंबई जागरण समूह के सांध्य अखबार मिड डे के पत्रकार ज्योतिर्मय डे उर्फ जे डे की हत्या के मामले में महाराष्ट्र सरकार छोटा राजन की गिरफ्तारी के लिए सीबीआइ को रेडकॉर्नर नोटिस जारी करने को कहेगी। महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने यह जानकारी सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में दी। जे डे की हत्या विगत 11 जून को छोटा राजन के शूटरों ने मुंबई में कर दी थी। सोमवार को विधानसभा में डे हत्या प्रकरण पर चल रही एक चर्चा के दौरान पाटिल ने बताया कि उक्त हत्याकांड में अब तक नौ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि तीन फरार हैं। इनमें एक विदेश में रह रहा अंडरव‌र्ल्ड सरगना छोटा राजन भी है। जिसके कहने पर ही अब तक गिरफ्तार लोगों ने साजिश रचकर जे डे को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया था। पुलिस अब तक इस हत्या के कारणों का भी खुलासा नहीं कर सकी है। क्योंकि इस हत्याकांड के मुख्य शूटर को जे डे की हत्या होने तक यह पता नहीं था कि वह जिस व्यक्ति को मारने जा रहा है, वह एक वरिष्ठ पत्रकार है। छोटा राजन ने कालिया को सिर्फ जे डे की पहचान बताई थी। हत्या के कारणों की चर्चा भी छोटा राजन ने उससे नहीं की थी। मुंबई पुलिस का मानना है कि जब तक स्वयं छोटा राजन नहीं पकड़ा जाता, तब जे डे हत्याकांड के मूल कारणों का खुलासा होना मुश्किल है। इसलिए पुलिस छोटा राजन की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेना चाहती है। आरआर पाटिल ने इसी संदर्भ में सदन को जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार सीबीआइ के जरिये इस मामले में इंटरपोल की मदद लेना चाहती है। पाटिल ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि की है कि डे के शरीर में मिली गोलियां आरोपियों के पास से मिली बंदूकों से चलाई गईं थीं। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ जल्द आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। इसी चर्चा के दौरान पाटिल ने यह जानकारी भी दी कि पत्रकारों पर हमले रोकने के लिए सुझाव देने वाली वाली वरिष्ठ मंत्रियों की समिति एक माह के अंदर ही अपनी रिपोर्ट सरकार को दे देगी। इस समिति की अध्यक्षता उद्योग मंत्री नारायण राणे कर रहे हैं। पत्रकारों का एक समूह राणे को इस समिति के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहा था, जिसे मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण पहले ही खारिज कर चुके हैं।




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