Friday, August 12, 2011

कंकाल मामले में रिमांड पर भेजे गए माकपा के पूर्व मंत्री


प्रदेश के पूर्व पश्चिमांचल विकास मंत्री व गढ़बेत्ता के माकपा विधायक सुशांत घोष को बेनाचापड़ा नरकंकाल मामले में गुरुवार को जिला अदालत ने सात दिनों की सीआइडी रिमांड में रखने का निर्देश दिया है। इसके बाद सीआइडी अधिकारी घोष को कड़ी सुरक्षा में कोलकाता ले आए, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। नरकंकाल बरामदगी मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आए कद्दावर माकपा नेता सुशांत घोष गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अदालत में पेश हुए। दोपहर 2:30 बजे अदालत पहुंचे सुशांत घोष को वहां वर्षा से बेपरवाह सुबह से जमी भीड़ के जबर्दस्त विरोध का सामना करना पड़ा। इस बीच आक्रोशित महिलाओं ने सुशांत को फांसी देने की मांग भी की। इस दौरान पथराव भी हुआ, जिसमें एक एएसआइ जख्मी हो गया। उधर, सीआइडी के अधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अदालत में अर्जी देते हुए मामले की जांच के लिए सुशांत घोष को 14 दिनों की रिमांड पर देने का अनुरोध किया था। सीजेएम ने घोष की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज करते हुए सात दिनों तक सीआइडी हिरासत में रखने का निर्देश दिया। ज्ञातव्य है कि विगत 4 जून को गढ़बेत्ता थाना क्षेत्र के बेनाचापड़ा इलाके से पुलिस ने सात नरकंकाल बरामद किए थे। मामले में सुशांत घोष को मुख्य अभियुक्त बनाया गया था


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