Friday, September 30, 2011

वेदपाल हत्याकांड में 12 को उम्रकैद

 बहुचर्चित वेदपाल हत्याकांड (ऑनर किलिंग) में अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश आरएन भारती की अदालत ने गुरुवार को 12 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इनमें बाप-बेटा भी शामिल हैं। दोषियों पर 6500-6500 रुपये जुर्माना भी किया गया है। कैथल के मटौर गांव का वेदपाल जींद के सिंगवाल गांव में निजी क्लीनिक चलाता था। इस दौरान उसका सिंगवाल की सोनिया से प्रेम हो गया। इसकी भनक लगने पर सोनिया के परिजनों ने उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया था। इस बीच 9 मार्च 2009 को वेदपाल और सोनिया घर से फरार हो गए और चंडीगढ़ स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी करके हाईकोर्ट में पेश होकर सुरक्षा की गुहार लगाई। बाद में पंचायत के दबाव के कारण दोनों 21 जून को अलग हो गए। इसके बाद सोनिया का रिश्ता फिर से दूसरी जगह तय कर दिया गया। 21 जुलाई 2009 को वेदपाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी पत्नी को वापस दिलाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सूरजभान को वारंट ऑफिसर नियुक्त कर 22 जुलाई रात को पुलिस बल के साथ सोनिया को लेने के लिए सिंगवाल गांव भेजा था। वेदपाल के गांव पहंुचने की भनक लगने पर ग्रामीणों ने हमला कर उसे पीट-पीटकर मार डाला। इस दौरान वारंट अधिकारी सिहित आधा दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। पुलिस ने वेदपाल के भाई की शिकायत पर सोनिया के पिता धनराज, मां धनपति, भनवाला खाप के प्रधान रामदिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धर्मपाल, पूर्व पंच रणधीर, मेवा सिंह, शमशेर, महेंद्र, राजेश, रामकुमार, राममेहर, कृष्ण, सतपाल, कैथल के करोड़ा गांव निवासी एवं अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवनजीत भनवाला के खिलाफ हत्या, सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया था। 24 सितंबर को अदालत ने पवनजीत भनवाला को बरी किया था और धनपति को छोड़कर सभी 12 लोगों को दोषी करार दिया था। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश आरएन की भारती अदालत ने गुरुवार को सभी 12 दोषियों को उम्रकैद और 6500-6500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। धनपति का मामला अभी अदालत में चल रहा है। सरकारी वकील सूरजभान लाठर ने बताया कि धनपति भगौड़ा घोषित थी। उसे 17 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इस कारण उसका मामला अदालत में विचाराधीन है। बचाव पक्ष के वकील पदम सिंह ने बताया कि इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

No comments:

Post a Comment