न्यायाधीश डा. एके सिंह ने सजा सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त सुरेंद्र कोली ने एक निरीह बालिका दीपाली, जिसकी उम्र करीब 12-13 साल थी, की बलात्कार के प्रयास के दौरान बर्बरता से हत्या करके उसके शव को क्षत विक्षत किया। अभियुक्त के परिवार में उसकी विधवा मां, सात वर्ष की पुत्री, तीन वर्ष का पुत्र और पत्नी है। जिनमें से कोई भी अभियुक्त से मिलने न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। इससे पता चलता है कि इस बर्बर अपराध की वजह से समाज की तरह परिवार ने भी उससे कोई संबंध नहीं रखा है। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस अपराध के लिए सहानुभूति की कोई बात करना कानून तथा अमन की बुनियाद हिलाने के समान है। इस घिनौने अपराध को अनेक बार करना अभियुक्त सुरेंद्र कोली ने स्वीकार किया है, जो इस तथ्य का प्रबल संकेत है कि इस अपराधी में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे अपराधी को खुला छोड़ना समाज के लिए खतरा है। अत: विरलतम अपराध के इस मामले में मृत्यु दंड से कम सजा हो ही नहीं सकती।
वकीलों के बीच हुई जिरह
दीपाली मर्डर केस के क्राइम संख्या 1022-2006 में कोर्ट में कोली के वकील प्रकाश चंद्र ने कहा कि सुरेंद्र कोली गरीब है। उसकी विधवा मां, पत्नी और दो बच्चे हैं। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। इसलिए उसे कम से कम सजा सुनाई जाए। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बहस करते हुए कहा कि कोली का अपराध विरलतम अपराध का गंभीर मामला है। जघन्य अपराध के बाद उसका परिवार नाता तोड़ चुका है।
कोली की आंखों में आंसू
देश के बहुचर्चित निठारी कांड में रिंपा हलधर, आरती, रचना मर्डर केस में फैसले के बाद आज दीपाली मर्डर केस में सीबीआई की विशेष कोर्ट में सुनवाई थी। अभियुक्त सुरेंद्र कोली को पुलिस कड़ी सुरक्षा में लेकर कोर्ट पहुंची। सजा की बात जेहन में आते ही कोली की आंखें कई बार नम हुई। कोर्ट में कोली ने कहा कि उसे सीबीआई ने फंसाया है, वह तो मोनिंदर सिंह पंधेर के यहां मात्र दो हजार रुपये पर नौकर था और खाना बनाता था। वहां कालगर्ल आती थी। जज ने पूछा कि कब से नौकरी पर थे। कोली बोला कि 24 जुलाई 2005 से। न्यायाधीश ने सुरेंद्र कोली को दोषी साबित करते हुए एक घंटे बाद सजा सुनाने को कहा। करीब 12:45 बजे कोर्ट ने कोली को सजा-ए-मौत का फैसला सुनाया तो कोली की आंखें छलछला गई। उसने कोर्ट के फैसले पर कांपते हाथों से दस्तखत किए। वकील इस दौरान न आए तो कोली ने कहा कि अब जेल में वे खुद सजा के फैसले की कॉपी लेकर जाएगा। कोली के परिजन फैसले के दौरान कहीं नजर नहीं आए।
छोटी पायल मर्डर केस में सुनवाई अंतिम चरण में
निठारी कांड के चार मर्डर केस में सुरेंद्र कोली को सीबीआई की विशेष कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुना दी गई है। इसके बाद छोटी पायल मर्डर केस में जोरों पर सुनवाई चल रही है। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि छोटी पायल मर्डर केस में साक्ष्य पूर्ण हो चुके हैं। केस में सुनवाई अंतिम चरण में है। इस मामले में 13 जनवरी को सीबीआई की विशेष कोर्ट में सुनवाई होनी है।
कब मिलेगी बच्चों के कातिलों को फांसी
नोएडा। निठारी कांड में दर्ज मुकदमों में तीसरा फैसला भी आ गया, लेकिन इस बार भी निठारी के पीड़ितों का एक ही सवाल था कि आखिरी किस दिन फांसी पर लटके दिखेंगे खूनी कोठी में कत्ल करने वाले बच्चों के कातिल। दीपाली हत्याकांड में नौकर सुरेन्द्र कोली को फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर मिलते ही निठारी कांड के पीड़ित परिजनों ने मांग कि सुरेन्द्र को जल्द से जल्द फांसी पर लटकाया जाए। दीपाली का परिवार अब निठारी छोड़ कर कहीं और चला गया है, लेकिन बाकी पीड़ित सुरेन्द्र को फांसी की सजा सुनाए जाने पर खुश हैं तो कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को इस मामले में चार्जशीट न करने का अफसोस है। इसके लिए उन्होंने सीबीआई की जांच टीम को जिम्मेदार ठहराया। इससे पहले रचना हत्याकांड में सुरेन्द्र को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।
कोर्ट परिसर में कब क्या हुआ
सुरेंद्र कोली को कोर्ट में पेश किया गया10:30 बजे
कोर्ट में बचाव और अभियोजन में बहस11:35 बजे
बहस केबाद कोली को दोषी साबित11:45 बजे
कोर्ट में कोली को सजा सुनाई गई-दोपहर12:45 बजे
कोली के फैसले पर हस्ताक्षर और कॉपी दी1:05 बजे
कोली को पुलिस जेल ले गई- दोपहर1:10 बजे
रिंपा मर्डर केस-13 फरवरी 2009 फांसी की सजा
आरती मर्डर केस-12 मई 2010 फांसी की सजा
रचना मर्डर केस-28 सितंबर 2010 फांसी की सजा
दीपाली मर्डर केस-22 दिसंबर 2010 फांसी की सजा
दीपाली हत्याकांड केस हिस्ट्री
दीपाली गायब हुई थी18 जुलाई 2006
गुमशदगी दर्ज कराई19 जुलाई 2006
सुरेन्द्र कोली गिरफ्तार29 दिसंबर 2006
दीपाली मर्डर केस सेपरेट30 दिसंबर 2006
कोली का नार्को टेस्ट22 जनवरी 2007
केस सीबीआई को मिला11 जनवरी 2007
सुरेन्द्र कोली दोषी करार22 दिसंबर 2010
सुरेंद्र कोली को सजा22 दिसंबर 2010
निठारी कांड में गुनाहों की फेहरिस्त
सीबीआई ने सीरियल किलिंग के 16 मुकदमे पायल सीनियर, पिंकी सरकार, मधु, नंदा, अंजली, रचना लाल, दीपाली, निशा, आरती, बीना, हर्ष, पुष्पा, छोटी पायल, सतेन्द्र उर्फ मैक्स, ज्योति और रिंपा हल्दर में चार्जशीट दाखिल की थी, तीन मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाई ।
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