Friday, December 31, 2010

महाठग शिवराज ने अदालत में किया सरेंडर

 गुड़गांव सिटी बैंक घोटाले के मास्टर माइंड शिवराज पुरी (34) व पुलिस के बीच चल रही भागमभाग गुरुवार को थम गई। तीन दिन से फरार चल रहा बैंक मैनेजर गुरुवार दोपहर को नाटकीय अंदाज में जिला अदालत आया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट आरके यादव की अदालत में सरेंडर कर दिया। इसकी भनक पुलिस को थी। पुलिस अधिकारी वहां डटे भी थे, पर उसे अदालत परिसर में आने से पहले गिरफ्तार नहीं किया गया। पेशी होते ही थाना डीएलएफ फेज-टू थाना पुलिस ने दस दिन की रिमांड मांगी, पर अदालत ने सात दिन की रिमांड दे पुलिस के हवाले कर दिया। सिटी बैंक के सहायक उपाध्यक्ष बीनू सोमन ने थाना डीएलएफ फेज टू में मामला दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि स्क्वायर बिल्डिंग में खुली सिटी बैंक की कारपोरेट शाखा में तैनात रहे मैनेजर (रिलेशनशिप) शिवराज पुरी ने सेबी का फर्जी पत्र तैयार कर निवेशकों को धोखे में रख करोड़ों की रकम हड़प ली। बकौल पुलिस आयुक्त एसएस देसवाल इस नटवर लाल के विश्र्वास में आकर सितंबर, 2009 में भारी ब्याज के लालच में कई कारपोरेट कंपनियों ने करीब 200 करोड़ रुपये की रकम जमा कर दी। करीब सौ करोड़ की रकम रईस लोगों ने व्यक्तिगत रूप से निवेश की थी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शिवराज ने विश्र्वास में ले करीब चालीस निवेशकों को 5011666247 नंबर का खाता बैंक का बताया, जबकि यह खात उसने नाना प्रेमनाथ(80) के नाम पर खोल रखा था। इस खाते में सबसे अधिक राशि हीरो गु्रप एसोसिएट्स नामक कंपनी की लगी है। रैलीगियर व ओकाया जैसी कंपनियों ने भी पैसे लगाए हैं। एक खाता उसने नाना प्रेमनाथ, नानी शीला और मां दीक्षा पुरी का संयुक्त रूप से खुलवा रखा था। इस खाते में कथित निवेश का धन जमा होने पर अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था। उन्होंने बताया कि शिवराज पुरी के पिता की ब्रोकरेज कंपनी मार्टीग के माध्यम से भी पैसे निवेश किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच विशेषज्ञों की टीम को सौंपी गई है, जिसमें 40 पुलिस अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि घोटाले की रकम जिस खाते में गई और उससे जिसका भी लेन देन हुआ हैं, सभी खातों का सील करा जांच के दायरे में लिया जाएगा। अब तक 120 खाते सील किए जा चुके हैं। डेढ़ दर्जन खातों मे जमा 3 करोड़ 85 लाख की रकम भी पुलिस सीज करा चुकी है। पुलिस ने अन्य खातों में जमा रकम को पता लगाने के लिए दो टीमें लगाई हैं। खाकी से खौफजदा : पुलिस रिमांड के दौरान शिवराज अपने वकील से रोजाना थाने में अकेले में 15 मिनट बातचीत कर सकेगा। आरोपी ने वकील सरताज बासवाना के जरिए अदालत से अनुरोध किया तो अदालत ने यह समय दिया है। उसने अदालत के सामने आशंका जताई कि उसे पुलिस रिमांड पर पीटा जा सकता है। इसके जवाब में अदालत ने कहा कि आपके वकील को इसीलिए मिलने का समय दिया गया है। कुरेदने पर मुस्करा देता था : फर्जीवाड़े से पहले बैंक अधिकारियों का लाडला रहा शिवराज अदालत में दो घंटे तक रहा, पर चुप्पी नहीं तोड़ी। अदालत से बाहर आते वक्त जब मीडिया कर्मी उससे सवाल करते तो वह नो कमेंट्स कह मुस्करा देता था। उसके वकील सरताज बासवाना ने कहा कि सारा खेल बैंक के कुछ उच्चाधिकारियों की जानकारी में था। सिटी बैंक के वकील हरीश मल्होत्रा ने कहा कि फर्जीवाड़ा आरोपी ने अपने स्तर पर ही किया। पुलिस जांच में बैंक हर तरह से सहयोग कर रही है। डीसीपी (ईस्ट) विकास अरोड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम शिवराज से पूछताछ कर रही थी।

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