महिलाएं ही नहीं, दिल्ली में बच्चे भी सुरक्षित नहीं है। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर कई बार चिंता जताई गई, बच्चों के प्रति हो रहे अपराधों की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। देश की जनसंख्या का मात्र डेढ़ प्रतिशत होने के बावजूद बच्चों के प्रति हुए अपराध में दिल्ली की भागीदारी 8.2 प्रतिशत है। इसका खुलासा राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो(एनसीआरबी) के आंकडों से हुआ है। हत्या, दुष्कर्म, बाल विवाह, अपहरण सहित बच्चों के प्रति हुए अन्य अपराधों को लेकर वर्ष 2008 में देशभर में 22500 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 8.2 प्रतिशत मामले केवल दिल्ली में दर्ज हुए थे। देशभर के आंकडों में मध्यप्रदेश ने प्रथम स्थान पाया और दूसरे स्थान पर यूपी व तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र राज्य है। जनसंख्या के एक छोटे से हिस्से वाला शहर दिल्ली अपराध के मामले में चौथे स्थान पर रहा। बच्चों के प्रति होने वाले अपराध में सबसे ज्यादा अपहरण (34 प्रतिशत) के मामले सामने आए है। अपहरण के मामलों में यूपी के बाद दूसरे स्थान पर दिल्ली रहा है। उल्लेखनीय है कि एनसीआरबी के अनुसार वर्ष 2008 में महिलाओं के प्रति हुए अपराध में देश के 35 मेगा सिटी में दिल्ली पहले नंबर पर थी। बच्चों के प्रति हुए अपराध में दिल्ली की तुलना देश के राज्यों से हुई है और उसमें वह चौथे स्थान पर है।
No comments:
Post a Comment