रांची, क्राइम कंट्रोल के मामले में धनबाद सूबे के 24 जिलों में अलग दिख रहा है। स्पीडी ट्रायल में धनबाद में रिकॉर्ड संख्या में दर्जनों अपराधियों को सजा दिलाई गई है।एक साल के भीतर हत्या, बलात्कार और अपहरण से जुड़े 27 मामलों में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से फांसी से लेकर उम्र कैद तक की सजा मिली है। पूरे धनबाद में कोल माफिया पर जमकर लगाम लगी है और कई बड़े नामों पर कानूनी कार्रवाई हुई है। सिंह मेंसन के दो लोगों पर सीसीए लगाने की तैयारी है। दबंग अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए कई अपराधियों पर सीसीए लगाने की तैयारी है। धनबाद की एसपी सुमन गुप्ता ने बताया कि बिंदु सिंह गिरोह के पारस नारायण पर सीसीए लगा दिया गया। सिंह मेंसन के छोटे सिंह उर्फ एकलव्य सिंह और राजेंद्र सिंह पर सीसीए (3ए और 3 बी) लगाने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। मौजूदा एसपी के कार्यकाल में 63 ऐसे पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई जो भ्रष्टाचार के आरोप में वर्षो से घिरे थे, लेकिन उनपर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इन पर कोल माफिया और अपराधियों के साथ गठजोड़ का संगीन आरोप था। इनमें कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल हैं। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से अपनी समीक्षा में धनबाद में हुए कार्यो की सराहना की है। डीजीपी नेयाज अहमद ने बताया कि अपराध नियंत्रण और कोल माफिया पर हुई कार्रवाई के बारे में कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। बड़े नाम जिन पर हुई कार्रवाई : मैनेजर राय, मो. इकबाल, जयदेव मंडल, मुन्ना सिंह, अल्ला राखा, पारस नारायण, छोटे सिंह उर्फ एकलव्य, राजेंद्र सिंह।
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