Thursday, January 13, 2011

असम सीमा में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश

असम और मेघालय की सीमा पर गोलपाड़ा-पूर्वी गारो पर्वतीय इलाके में पिछले 10 दिनों में जातीय हिंसा में मरने वालों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। इसे देखते हुए असम सरकार ने अपनी सीमा में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया गया है और सीमावर्ती इलाके में कफ्र्यू जारी है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि असम सरकार ने रविवार रात दिसपुर में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक के बाद यह आदेश जारी किया। गोलपाड़ा के उपायुक्त पीके गोस्वामी ने फोन पर बताया कि रविवार शाम को दो और शव बरामद किए गए, जिससे राभा और गारों के बीच जातीय हिंसा में मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। पूर्वी गारो पर्वतीय जिले के उपायुक्त प्रवीण बख्शी ने बताया कि रविवार को असम में गारो बहुल चिगिस्म, कलडांग और कासिकगारा गांवों पर हमला किया गया। यहां से करीब 200 गारो महिलाएं और च्च्चे अपना घरबार छोड़कर पूर्वी गारो पर्वतीय जिले भाग गए तथा वहां हुडाकोना प्राथमिक विद्यालय में रात के लिए शरण मांगी। इन महिलाओं और च्च्चों को सोमवार तड़के सैनिकों ने राहत शिविरों में पहुंचाया। इसके अलावा गोलपाड़ा के पैकान में राहत सामग्री ले जा रहे एक वाहन में आग लगा दी गई, जिससे 11 लोग घायल हो गए। गारो गांवों में आगजनी के बाद मेघालय सीमा में गेंदाबारी राभा गांव में आग लगा दी गई। बख्शी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने सेना की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए हिंसक स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए दोनों जिलों के बीच से गुजरने वाले सभी मार्ग बंद कर दिए।
 मेघालय में 103 गिरफ्तार, 25 मामले दर्ज : डीजीपी
  मेघालय के जातीय हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से कुल 103 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगजनी तथा दंगा-फसाद का प्रयास करने को लेकर 25 मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य के पुलिस प्रमुख एसबी काकाती ने सोमवार को बताया कि मेघालय में करीब 26 गांव हिंसा से प्रभावित हैं और करीब 1500 मकानों में आगजनी की घटनाएं हुईं। काकाती ने कहा कि मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले के मेंदीपाथर में संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का फैसला किया गया है। नियंत्रण कक्ष हालात की निगरानी के साथ अफवाहों की जांच करेगा। अ‌र्द्धसैनिक बलों और पुलिस की 14 कंपनियों को यहां प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया

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