उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ से वाराणसी के बीच की पट्टी को मानव कबूतरबाजी, खासकर छोटी लड़कियों की अरब देशों में तस्करी के लिए भले ही सबसे घना जंगल कहा जाता हो लेकिन बच्चों के विरुद्ध अपराध के पुलिस में पंजीकृत संख्या के अनुसार देश की संस्कारधानी माने जाने वाले वाराणसी को बच्चों के लिए ‘अभयारण्य’
अथवा ‘स्वर्ग’ कहा जा सकता है। हाल के वर्षो में वहां इस श्रेणी के कमतर अपराध हुए हैं। वाराणसी में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के मुकाबले बच्चों के विरुद्ध कुल अपराधों में गिरावट भी आई है। अलबत्ता देश की राजधानी दिल्ली बच्चों के विरुद्ध अपराध में भी सवरेपरि है। प्रति लाख आबादी पर राष्ट्रीय औसत 02 प्रति लाख आबादी पर दिल्ली का औसत 16
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